जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए सीसोटार में अनिश्चितकालीन धरना
बसारिखपुर–सीसोटार–नवरतनपुर मार्ग के स्थायी निर्माण की मांग; अखिलेश यादव के संभावित दौरे को लेकर पुलिस ग्रामीणों से कर रही बातचीत

सिकंदरपुर (बलिया)। बसारिखपुर से सीसोटार होते हुए नवरतनपुर जाने वाले मुख्य मार्ग की जर्जर हालत से नाराज ग्रामीणों ने गुरुवार को सीसोटार गांव के चौराहे के पास अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। भारतीय स्वतंत्र आवाज के नेतृत्व में धरनारत ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी, गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की। उनका कहना है कि समस्या का ठोस समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
ग्रामीणों के मुताबिक, मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे राहगीरों, विद्यार्थियों, किसानों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क की खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत की मांग को लेकर पहले भी उपजिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
भारतीय स्वतंत्र आवाज की ओर से उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर प्रवीण यादव को दिए गए पत्र में मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराने और बड़े गड्ढों की तत्काल मरम्मत की मांग की गई है। साथ ही सड़क का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी स्थानों पर संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग रखी गई है।
धरनारत लोगों ने कहा कि स्थायी निर्माण होने तक गड्ढे भरकर मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर समयबद्ध समाधान कराने और सड़क के नियमित निरीक्षण व रखरखाव की व्यवस्था करने की भी मांग की।
इधर, शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविंद चौधरी के पैतृक गांव गोसाईपुर पहुंचने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। धरना स्थल वाला मार्ग उनके काफिले के संभावित रास्ते में होने के कारण पुलिस ग्रामीणों से बातचीत कर रही है। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। धरने में राहुल वर्मा, नीरज राय, सुमित यादव, रिपुंजय मिश्रा, अकबर अली, राहुल चौहान, अनूप राय और रोहित यादव सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।
ग्रामीणों के मुताबिक, मार्ग पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। इससे राहगीरों, विद्यार्थियों, किसानों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क की खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि मरम्मत की मांग को लेकर पहले भी उपजिलाधिकारी कार्यालय में ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
भारतीय स्वतंत्र आवाज की ओर से उपजिलाधिकारी सिकंदरपुर प्रवीण यादव को दिए गए पत्र में मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कराने और बड़े गड्ढों की तत्काल मरम्मत की मांग की गई है। साथ ही सड़क का स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी स्थानों पर संकेतक और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग रखी गई है।
धरनारत लोगों ने कहा कि स्थायी निर्माण होने तक गड्ढे भरकर मार्ग को आवागमन योग्य बनाया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को मौके पर भेजकर समयबद्ध समाधान कराने और सड़क के नियमित निरीक्षण व रखरखाव की व्यवस्था करने की भी मांग की।
इधर, शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पूर्व नेता प्रतिपक्ष स्व. रामगोविंद चौधरी के पैतृक गांव गोसाईपुर पहुंचने का कार्यक्रम बताया जा रहा है। धरना स्थल वाला मार्ग उनके काफिले के संभावित रास्ते में होने के कारण पुलिस ग्रामीणों से बातचीत कर रही है। पुलिस अधिकारी उन्हें समझाने और धरना समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन को व्यापक किया जाएगा। धरने में राहुल वर्मा, नीरज राय, सुमित यादव, रिपुंजय मिश्रा, अकबर अली, राहुल चौहान, अनूप राय और रोहित यादव सहित अन्य ग्रामीण शामिल रहे।