सिकंदरपुर (बलिया) – सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के चंदायर गांव में बीते 23 अप्रैल को अज्ञात कारणों से लगी आग ने भारी तबाही मचाई थी। इस घटना में एक दर्जन से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, वहीं करीब डेढ़ दर्जन बकरियां भी आग की चपेट में आकर मर गईं। इसके साथ ही अग्निपीड़ित परिवारों का खाने-पीने का सामान, कपड़े, बर्तन समेत रोजमर्रा की जरूरी चीजें भी स्वाहा हो गईं। घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे हल्का लेखपाल ने अग्निपीड़ितों को हर संभव सरकारी सहायता दिलाने का आश्वासन दिया था। हालांकि पीड़ितों का आरोप है कि घटना के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के लोग जरूर आए, लेकिन उन्होंने केवल फोटो खिंचवाने तक ही सीमित रहकर अपनी औपचारिकता निभाई, वास्तविक मदद किसी ने नहीं की। इसी बीच रविवार को जब ब्रह्म बाबा सेवा संस्थान किशोर चेतन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ताओं को घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल राहत कार्य का बीड़ा उठाया। संस्थान से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता कुलदीप चौबे, विनोद राजभर, दरोगा राजभर, रितेश, आशीष, अंकित, बिरजू, नगीना, अनूप, लाल, चंद्रशेखर, दिलीप, राजनाथ, शैलेंद्र व महेंद्र सहित अन्य कार्यकर्ता चंदायर गांव पहुंचे और लगभग दो दर्जन अग्निपीड़ित परिवारों को खाद्यान्न सामग्री, पहनने के वस्त्र, सोने के लिए विस्तर, मच्छरदानी तथा आर्थिक सहायता प्रदान की। सहायता पाने वालों में वीर बहादुर राजभर, विक्रम, सुरेंद्र राजभर, महेश, टुनटुन, कमलेश, हरख यादव, पंकज, गुड्डू राजभर, बिगल, श्यामजी, रामजी, राम प्रवेश, वीरेंद्र, बद्री राजभर, लाल राजभर, श्री भगवान, रामसूरत और अमर राजभर समेत अन्य शामिल हैं।
सामग्री और आर्थिक सहयोग पाकर पीड़ितों के चेहरों पर राहत की झलक देखने को मिली। इस दौरान संस्थान के सदस्यों ने कहा कि जब तक अग्निपीड़ित परिवार पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौट जाते, तब तक हरसंभव सहायता जारी रहेगी। ग्रामीणों ने ब्रह्म बाबा सेवा संस्थान और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया
रिपोर्ट-मनीष गुप्ता